श्याम तेरा कीर्तन जो, मन से कराता है: भजन (Shyam Tera Kirtan Jo Maan Se Karata Hai)

श्याम तेरा कीर्तन जो,
मन से कराता है,
श्याम तेरा किर्तन जो,
मन से कराता है,
सुनने को सांवरिया,
खुद लीले चढ़ आता है,
श्याम तेरा किर्तन जो,
मन से कराता है ॥ऐसे नहीं कहते है,
हारे का सहारा लोग,
हर एक मुसीबत से,
मेरा श्याम ही बचाता है,
श्याम तेरा किर्तन जो,
मन से कराता है ॥

कैसे मैं गिनाऊँ तुम्हे,
एहसान कितने है,
अपने दीवानों को,
वो तो गले से लगाता है,
श्याम तेरा किर्तन जो,
मन से कराता है ॥

श्याम तेरा कीर्तन जो,
मन से कराता है,
श्याम तेरा किर्तन जो,
मन से कराता है,
सुनने को सांवरिया,
खुद लीले चढ़ आता है,
श्याम तेरा किर्तन जो,
मन से कराता है ॥